‘अंतरिक्ष में मक्खी’ सन् 47 में पहुँच गई थी !
किताब के शीर्षक ने चौंकाया। कहानी की शुरुआत से लगा कि यह सूचनाओं को जबरन ठूंसने वाले इरादे से लिखी गई है। लेकिन, तीसरे ही वाक्य के तौर पर जब…
किताब के शीर्षक ने चौंकाया। कहानी की शुरुआत से लगा कि यह सूचनाओं को जबरन ठूंसने वाले इरादे से लिखी गई है। लेकिन, तीसरे ही वाक्य के तौर पर जब…
क्या आप कभी स्कूल की छुट्टी का घण्टा बजने से पहले अपने घर के बच्चों को लेने पहुँचे हैं? यदि हाँ तो आपको यह किताब पढ़नी चाहिए। नहीं? तब भी…
कुलवंत कोछड़ कृत किताब ‘गुस्सा’ एक शानदार कहानी बन पड़ी है। कहानी की किताब के चित्र अजंता गुहाठाकुरता ने बनाए हैं। पाठकों के लिए यह किताब राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत…
विज्ञान और ब्रह्मांड पर आधारित चार किताबें सिर्फ पठनीय ही नहीं है बल्कि संग्रहणीय भी हैं। इन्हें अपने निजी संग्रह में रखा जाना चाहिए।
इज़ाज़ यानि आजकल, इन दिनों या इस समय। मुझे यह एजाज़ के करीब लगता है जिसे अनोखा,चमत्कार या करिश्मा भी कहते हैं। इज़ाज़ बंगाणी भाषा की तिमाही पत्रिका है। यह…
रंजीत लाल कृत ‘गोली-टॉफ़ी वाला राक्षस’ यथार्थ और कल्पना का मिला-जुला समिश्रण है। जो है और जो नहीं है को मिलाकर रंजीत लाल ने यह साबित किया है कि खट्टी-मिट्ठी…
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किताब: राजा जो कंचे खेलता थाद किंग हू प्लेयड मारबल का हिन्दी अनुवाद राजा जो कंचे खेलता था चौंकाने वाला शीर्षक है। हालांकि मात्र किताब का टाइटल देखकर ऐसा लगता…
सोचने-विचारने वाली किताबों की ज़रूरत है ‘‘बेटी तुम घर से भाग कर तो नहीं आई हो?’’कहानी के आरम्भ में यह सवाल उठता है. पाठक के मन में यह विचार कौंधता…