पहाड़ की दुनिया घुमाता कथाकार

मुकेश नौटियाल की कहानी गोहतरा मुकेश नौटियाल कृत ‘गोहतरा’ पढ़ी। शीर्षक ने चौंकाया। कहानी ने कहानी पर बात करने के लिए विवश कर दिया। मुकेश नौटियाल पहाड़ को अपने साहित्य…

बेहतर समाज का साहित्यिक ग्रन्थ है अणुव्रत अमृत विशेषांक

पिचहत्तर वर्ष के आंदोलन का लेखा-जोखा भी शामिल अणुव्रत मासिक पत्रिका है। प्रकाशन के उनहत्तर साल हो चुके हैं। साल दो हजार चौबीस का यह अंक मार्च-अप्रैल का संयुक्तांक है।…

पाठशाला भीतर और बाहर

दुनिया जहान को शामिल करती है यह पत्रिका तिमाही पत्रिका ‘पाठशाला भीतर और बाहर’ पिछले छह सालों से प्रकाशित हो रही है। ज़ाहिर-सी बात है कि जैसा नाम है तो…

यथार्थ के सच से परिचय कराता कथाकार

पाठकों के आस-पास की कहानियाँ हैं दिनेश कर्नाटक की इन दिनों दिनेश कर्नाटक का कहानी संग्रह ‘दिनेश कर्नाटक की प्रतिनिधि कहानियाँ’ चर्चाओं में है। हालांकि दिनेश कर्नाटक की पठनीयता और…

किताब: सदाबहार हैं भगत सिंह

ज्ञानमुद्रा पब्लिकेशन समूह के वरुण महेश्वरी ने सम्बद्ध प्रकाशक ‘वंश पब्लिकेशन’ द्वारा प्रकाशित किताब ‘क्रांतिकारी भगतसिंह’ भेंटस्वरूप भेजी है। प्रथमदृष्टया किताब अच्छी है। आवरण, काग़ज़ छपाई उम्दा है। भगत सिंह…

बाल मन में मनुष्यता के बीज बोना हो प्राथमिकता: लोकेश नवानी

बाल साहित्य: अवधारणा एवं उद्देश्य के साथ चुनौतियों पर हुआ विमर्श उत्तराखण्ड का लोकपर्व फूलदेई के अवसर पर आयोजित बाल साहित्य विमर्श पर सभी ने माना कि आज बाल साहित्य…

उत्तराखण्ड का बाल पर्व: त्योहार एक नाम अनेक

उत्तराखण्ड का बाल पर्व: त्योहार एक नाम अनेक कहीं फ्योंली, प्यूँली, फ्यूँली, फूलदेई, बालपर्व, फूल संगराद, फूल सग्यान ,फूल संग्रात, मीन संक्रांति तो कहीं गोगा #पर्व

‘पहाड़ों से निकली पहाड़ों की कहानियाँ’

सुप्रसिद्ध साहित्यकार भगवत प्रसाद पाण्डेय का पहला बाल कहानी संग्रह ‘पहाड़ों से निकली पहाड़ों की कहानियाँ’ सुप्रसिद्ध साहित्यकार भगवत प्रसाद पाण्डेय का पहला बाल कहानियों का संग्रह है। इसका अर्थ…