• जारी है सीखना

    पुरानी बात है। तब आदमी जंगल में रहता था। वह शरीर को पेड़ों की छाल और सूखे पत्तों से ढकता। पेड़ का तना, चट्टान और गुफाएं ही उसका सहारा थे। जंगली फल और…

  • मैं भी दूंगा दाना

    -मनोहर चमोली ‘मनु’ आज से मासिक परीक्षा हैं। यह सोचकर अखिल जल्दी उठ गया। उसे चिड़ियों की चहचहाट सुनाई दी। वह आंगन में गया। आगन में करतार सिंह चावल के दाने बिखेर रहे…

  • लगन

    कोरोना के कारण स्कूल बंद थे। आज जब स्कूल खुला तो बच्चे अपना स्कूल भी नहीं पहचान पा रहे थे। कोरोना के कारण घर में रहकर क्या-क्या परेशानियां हुईं। मोबाइल से उन्होंने क्या…

  • मजाक अब नहीं

    गर्मी बहुत थी। इतनी गर्मी कि पेड़ों के पत्ते भी झुलस गए थे। गिद्ध ने अपने डैने फैलाये तो साँप बोल पड़ा,‘‘बारिश नहीं हुई। पानी के बिना जीवन नहीं। कई हैं जो मर…

  • ऐसे मिला सबक

    एक दिन की बात है। चूहे की माँ बोली,‘‘हमें अपने दाँतों को पैना रखना पड़ता है। लगातार कुछ न कुछ कुतरना होता है। तुम हो कि आलस करते हो। माना कि भर-पेट खाना…

  • छोड़ दिया फुदकना

    तब बिल्ली मेढक की तरह फुदकती थी। जब वह चलती तो उसके पैरों से टक-टक की आवाज आती। घोड़ा कई बार बिल्ली से कहता,‘‘दूर-दूर तक सबको पता चल जाता है कि तुम आ…

  • भूख से आगे

    -मनोहर चमोली ‘मनु’‘‘स्कूल की फुटबाॅल और खो-खो टीम के लिए अच्छी ख़बर है। हम एक बार फिर से राज्य के लिए खेलेंगे। क्या पता! अगर राज्य में ये टीमें जीत गईं तो हो…

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