कला के प्रति संवेदनशीलता ही मनुष्यता को बचाएगी : जगमोहन बंगाणी

जगमोहन बंगाणी की कूची से बनी पेंटिंग्स भारत से बाहर स्पेन, कोरिया, इंग्लैंड, जर्मनी जैसे देशों में उपस्थित हैं। कला के पारखी समूची दुनिया में हैं और वे अपने घरों-कार्यालयों…

जारी है सीखना

पुरानी बात है। तब आदमी जंगल में रहता था। वह शरीर को पेड़ों की छाल और सूखे पत्तों से ढकता। पेड़ का तना, चट्टान और गुफाएं ही उसका सहारा थे।…

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ कृत ह्यूमन ट्रांसमिशन वैज्ञानिक बाल उपन्यास: कल्पना और यथार्थ युक्त साहित्य ही कल के आविष्कार

साहित्यकार डॉ॰ ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ का लघु वैज्ञानिक बाल उपन्यास ‘ह्यूमन ट्रांसमिशन’ यथार्थ और कल्पना के मिश्रण से निर्मित रोचक बन पड़ा है। लगभग सात वर्ष पूर्व प्रकाशित उपन्यास लगता…

हर मोर्चे पर तार्किक हस्तक्षेप की आवश्यकता जताई

प्रख्यात गीतकार एवं लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि जन संघर्षों के नायको की याद में इकतीस साल पहले जो पौधा लगाया गया था वह आज वृक्ष बन…

किंडल में मेरा प्रकाशन

किंडल का ज़्यादा अनुभव नहीं है । अलबत्ता दो छोटी-सी छिटपुट किताबें मैंने भी वहाँ प्रकाशित की हैं। साथी मित्र अरविंद कुमार साहू जी ने इसके बारे में बताया था।…

‘कहानियाँ बालमन की ’

कुछ दिन पहले ही मुझे इन सुप्रसिद्ध साहित्यकार मनोहर चमोली की पुस्तक ‘कहानियाँ बालमन की ’पढ़ने का अवसर मिला। यह श्वेतवर्णा प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। मूल्य 225 रुपए है।…

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