कथक नृत्यांगना वर्षा दासगुप्ता ने कहा कि भारत की कला, संगीत और नृत्य के परम्परागत घराने सिमटते जा रहे हैं। आज ज़रूरत इस बात की है कि बाल्यकाल से ही भारतीय शास्त्रीय संगीत-कला-नृत्य के प्रति जन जागरुकता बढ़ाई जाए। अन्यथा यह शास्त्रीय ललित कलाएँ ही लुप्तप्राय की श्रेणी में आ जाएंगी। भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना वर्षा कई वर्षों से एकल और युगल नृत्य प्रस्तुतियां देती रही हैं। नालंदा नृत्योत्सव, मुंबई, नंदन उत्सव कोलकाता और साहित्य कला परिषद द्वारा आयोजित विभिन्न आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुकी वर्षा आज यहाँ राइफलमैन शहीद रघुनाथ सिंह रावत राजकीय इण्टर कॉलेज, केवर्स, पौड़ी में सोसायटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इण्डियन क्लासिकल म्यूज़िक एण्ड कल्चरल अमोंगस्ट यूथ ‘स्पिक मैके’ कृत ग्रामीण विद्यालयों में एक दिवसीय नृत्य आयोजन-कार्यशाला में बतौर नृत्यांगना बोल रही थीं।


नृत्यांगना वर्षा दासगुप्ता ने विद्यार्थियों के समक्ष शिव पूजा और राधा-कृष्ण माखन लीला आधारित कथक नृत्य प्रस्तुत किया। इससे पूर्व उन्होंने कथक के इतिहास, परम्परा और चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्यों की किस्में और घरानों पर भी प्रकाश डाला। संवाद आधारित कार्यशाला में उन्होंने बताया कि क्यों मनुष्य के तौर पर हमें साहित्य, कला,संगीत और नृत्य से जुड़ाव होना चाहिए। उन्होंने अपने गुरु विधा लाल,गुरु गीतांजलि लाल का भी उल्लेख किया।


वर्षा ने स्पिक मैके के बारे में भी बताया। एक गैर राजनीतिक अखिल भारतीय स्वयं सेवी संस्था सत्तर के दशक में अस्तित्व में आई। आईआईटी दिल्ल्ली में प्रोफेसर डॉ, किरण सेठ जिन्हें 2009 में कला के क्षेत्र में पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया है के विचारों को कला मर्मज्ञ आगे बढ़ा रहे हैं।


स्पिक मैंके प्रभारी परवेज़ अहमद सहित गणेश बलोनी, शंकर राणा, कंचन का सहयोग रहा। इस अवसर पर विद्यालय की ओर से वर्षा को एक स्मृति चिह्न भेंट किया गया। मनोहर चमोली ‘मनु’ कृत पुस्तक कहानियाँ बाल मन की भी उन्हें भेंट की गई। छात्र-छात्राओं ने स्थानीय फल माल्टा भी उन्हें भेंट किया।


इस अवसर पर विद्यालयी प्रधानाचार्य किशोर रौतेला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वीरेन्द्र कांत बिजल्वाण, रघुराज चौहान, मनोज रावत, संजय रुडोला, देवेन्द्र कण्डारी, महेन्द्र रौथाण, राकेश पटवाल, वी के चन्दोला, बबीता, प्रीति का सहयोग रहा। आज दूसरी प्रस्तुति राजकीय इण्टर कालेज नलई में रही। कथक सीरीज में निम्न विद्यालयों में कार्यक्रम है-

6. दिसंबर .2022
जीआईसी नाहसैण
हाईस्कूल बगानीखाल

7.दिसंबर .2022
जीआईसी क्यार्क।

8.दिसंबर.2022
जीआईसी कल्जीखाल।
जूनियर हाईस्कूल कल्जीखाल।

9.दिसंबर.2022
जीआईसी कोट
जीआईसी खोलाचौरी

10.दिसंबर.2022
जनता इंटर कालेज परसुंडाखाल।
जीजीआईसी पैडुल।


…वहीं ………..भरतनाट्यम सर्किट कार्यक्रम की सूची
निम्नवत् है-

  1. दिसंबर .2022
    राजकीय इंटर कॉलेज मालतौली।
    एसण् वीण्एमण्इंटर कॉलेजएश्रीकोट।
  2. दिसंबर .2022
    राजकीय इंटर कॉलेज बगढ़वालधार।
    राजकीय इंटर कॉलेज हिंसरियाखाल।

8 . दिसम्बर .2022
राजकीय इंटर कॉलेज गोनीखाल।
राजकीय इंटर कॉलेज नागराजाधार।

  1. दिसम्बर 2022
    मैसमोर इंटर कॉलेज पौड़ी।
    राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी।

10.दिसम्बर 2022
राजकीय इंटर कॉलेज दिखोळ्यू।
राजकीय इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग।……….

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