• जारी है सीखना

    पुरानी बात है। तब आदमी जंगल में रहता था। वह शरीर को पेड़ों की छाल और सूखे पत्तों से ढकता। पेड़ का तना, चट्टान और गुफाएं ही उसका सहारा थे। जंगली फल और…

  • ऐसे लगाया ध्यान

    बयार पढ़ाई कर रही थी। लेकिन अंतरिक्ष की खटर-पटर में उसका ध्यान हट रहा था। तंग आकर उसने कह ही दिया,‘‘भैया। पढ़ ले। एग्जाम नजदीक आ रहे हैं। मैं हर बार तेरे आगे…

  • मुस्कराना हमेशा

    सलमा आज कुछ गमले ले आईं। नाहिदा ने पूछा,‘‘अम्मी। ये गमलें किस काम आएंगे?’’सलमा ने जवाब दिया,‘‘फूलों की पौध लगा रही हूँ। देखती रहो।’’सलमा ने गमलों में फूलों के पौधे लगाए। नाहिदा पूछने…

  • मिल गए सात रंग

    -मनोहर चमोली ‘मनु’‘‘पापा आप कहाँ जा रहे हो?’’ नयना ने पूछा।पापा ने नयना का गाल प्यार से छूते हुए जवाब दिया-‘‘ड्यूटी।’’ नयना ने कहा-‘‘पापा मेरे लिए कलर लाना। लाल वाला।’’ पापा ने हँसते…

  • उड़ना हुआ बंद

    पुरानी बात है। तब मछली आसमान में भी उड़ती थी। मन करता तो पानी में तैरने लग जाती। पशु क्या और पक्षी क्या! सब मछली को चाहते थे। वह पशुओं के बच्चों और…

  • ठीक हूँ

    नदी किनारे एक चूहा डरा हुआ था। कछुए ने पूछा तो वह बोला,‘‘जान बचाना आसान नहीं है।’’ जिराफ बोला,‘‘मुझे देखो। मैं बिल में छिप नहीं सकता।’’ हाथी ने कहा,‘‘मैं उछल-कूद भी नहीं सकता।’’…

  • बात एक बूंद की

    बादल बरसने वाले थे।एक बूंद रोने लगी। बादल ने पूछा तो वह बोली,‘‘मैं हाथी की एक आँख भी गीली नहीं कर सकूंगी।मैं अकेली, भला किस काम की?’’बादल बोला,‘‘राई के बीजों को उगने में…

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