उत्तराखण्ड का बाल पर्व: त्योहार एक नाम अनेक
उत्तराखण्ड का बाल पर्व: त्योहार एक नाम अनेक कहीं फ्योंली, प्यूँली, फ्यूँली, फूलदेई, बालपर्व, फूल संगराद, फूल सग्यान ,फूल संग्रात, मीन संक्रांति तो कहीं गोगा #पर्व
क़द और कार्य को मिला सम्मान
रेखांकित हुई गणेश खुगशाल ‘गणी’ कृत ‘धाद’ पत्रिका गणेश खुगशाल ‘गणी’ उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान-2023 के लिए चयनित हुए हैं। बधाई ! दरअसल यह उनका सम्मान नहीं राज्य की गढ़वाली…
आवारा मन
इल्म में भी सुरूर है लेकिनये वो जन्नत है जिसमें हूर नहीं। अल्लामा इक़बाल से सहमत हुआ जा सकता है।दिलकश चेहरा। हर समय तरतीब से सँवारा हुआ। सिर पर बालों…
बाल साहित्य की खुशबू और भाषा का सम्बन्ध
स्वैच्छिक शीतकालीन कैम्प में जुटे सैकड़ों शिक्षक तीन दिन सामूहिक चर्चा, अनुभवों का साझाकरण और शैक्षणिक सन्दर्भों के व्याख्यान में पचास अध्यापकों का शामिल होना अपने आप में आगे बढ़ने…
बड़ा भाई बनाम छोटा भाई
आज के हालात एक वक़्त था जब हमने मिलकर उन्हें खदेड़ दिया था। उन्हें जो हमारी छाती पर चढ़ गए थे। वे तो मान चुके थे कि अब वे यहाँ…
हड्डी से पत्थर
एक शानदार किताब ! कैरेन हेडॉक कृत पुस्तक और पूजा तिवारी द्वारा अनुदित पुस्तक को एनबीटी ने प्रकाशित किया है । 2020 में प्रकाशित इस पुस्तक का दूसरा संस्करण 2021…
मिशनरी पत्रकारिता पर सनसनी तथ्यहीन ख़बरें हावी
दैनिक जागरण ने माना भूल हुई खबर : जिस पर आपत्ति दर्ज़ की गई सच हाथ में कथ्य और तथ्य की बूँदें आता है। वह बुझौणे तब तक झूठ अफवाह…
इस दौर में इंसान का चेहरा नहीं मिलता
'इस दौर में इंसान का चेहरा नहीं मिलता। कब से मैं नक़ाबों की तहें खोल रहा हूँ।' जी हाँ। सुनीता उन्हीं में से एक है। जिन्हें इंसान पहचानने आते हैं।…
वैश्विक शान्ति एवं एकता के लिए लेखन
अणुव्रत लेखक मंच का विस्तारीकरण बीते दिनों अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी ने लेखक सम्मेलन का आयोजन किया। यह दो दिवसीय आयोजन नंदनवन, मुंबई में हुआ। तय कार्यक्रम और विचार गोष्ठी…
