• सोचना सबके बारे में

    -मनोहर चमोली ‘मनु’आज से मासिक परीक्षा हैं। यह सोचकर अखिल जल्दी उठ गया। उसे चिड़ियों की चहचहाट सुनाई दी। वह आंगन में गया। आगन में करतार सिंह चावल के दाने बिखेर रहे थे।…

  • कैसी गलती किसकी गलती?

    -मनोहर चमोली ‘मनु’आभा की आँखें भर आईं। वह सोचने लगी,‘एक तो मैंने स्वरा पर हाथ उठाया। फिर उसे वाॅशरूम में बंद कर दिया।’ वह याद करने लगी कि हाथ उठाने की नौबत क्यों…

  • ऐसे लगाया ध्यान

    बयार पढ़ाई कर रही थी। लेकिन अंतरिक्ष की खटर-पटर में उसका ध्यान हट रहा था। तंग आकर उसने कह ही दिया,‘‘भैया। पढ़ ले। एग्जाम नजदीक आ रहे हैं। मैं हर बार तेरे आगे…

  • लगन

    कोरोना के कारण स्कूल बंद थे। आज जब स्कूल खुला तो बच्चे अपना स्कूल भी नहीं पहचान पा रहे थे। कोरोना के कारण घर में रहकर क्या-क्या परेशानियां हुईं। मोबाइल से उन्होंने क्या…

  • खाना मगर ध्यान से

    अभी ठीक से सुबह का उजाला भी नहीं हुआ था। महेश ने जोर से पुकारा,‘‘अरे रीता। सुनो तो।’’ तभी उसे अंदाज़ा हुआ कि अभी तो आस-पास के लोग सो रहे होंगे। महेश ने…

  • मुस्कराना हमेशा

    सलमा आज कुछ गमले ले आईं। नाहिदा ने पूछा,‘‘अम्मी। ये गमलें किस काम आएंगे?’’सलमा ने जवाब दिया,‘‘फूलों की पौध लगा रही हूँ। देखती रहो।’’सलमा ने गमलों में फूलों के पौधे लगाए। नाहिदा पूछने…

  • न टूटे मन

    रक्षिता दौड़ते हुए कुसुम से लिपट गई। बोली,‘‘ममा। आज स्कूल के प्रोग्राम फाइनल हो गए हैं। मेरा भी सलेक्शन हुआ है। पता है, हमारी क्लास का एक ही प्रोग्राम सलेक्ट हुआ है। होली…

  • बंद हुआ स्कूल

    जंगल की रौनक ही अलग थी। भोर होने से देर रात तलक चारों ओर हलचल मची रहती। सूरज की रोशनी में तो कई जानवर और पक्षी इधर-उधर घूमते पाए जाते। लेकिन कई जीव-जन्तु…

  • मिल गए सात रंग

    -मनोहर चमोली ‘मनु’‘‘पापा आप कहाँ जा रहे हो?’’ नयना ने पूछा।पापा ने नयना का गाल प्यार से छूते हुए जवाब दिया-‘‘ड्यूटी।’’ नयना ने कहा-‘‘पापा मेरे लिए कलर लाना। लाल वाला।’’ पापा ने हँसते…

  • बंद किया माँगना

    वसंत आया तो जंगल हरा-भरा हो गया। फूलों और फलों से रंगीन हो गया। एक तितली फूलों पर मंडरा रही थी। भालू नदी की ओर जा रहा था। उसने तितली से पूछा-‘‘तुम दिन…

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