• रचनात्मकता में लीन भी रहा जाए..!

    कोविड काल के दौरान कोविड ड्यूटी करते हुए कोविड संक्रमित होते हुए कोविड का पालन करते हुए कोविड पर कुछ पठनीय सामग्री बनाने का काम विभाग ने अवसर दिया। सीमित समय था। सीमित…

  • चित्र कथा: दोस्त के घर में

    पापा हैं?पापा तो आज ही पटियाला गए हैं।ओह! तुम्हारा बड़ा भाई तो होगा? उसे बुला दो।वो तो काॅलेज गया है। तो मम्मी को ही बुला दो!मम्मी चाची के साथ बाज़ार गई है।तो तुम…

  • रिमझिम से बरसती हैं बच्चों की आवाज़ें

    -मनोहर चमोली ‘मनु’रिमझिम-1 पहली कक्षा के लिए हिंदी की पाठ्यपुस्तक है। पूरे पाँच बरस का पक्के बच्चों के लिए यह बेहतरीन किताब है। आवरण में बारिश हो रही है। हाथी,बन्दर,चूज़े,बत्तख,बिल्ली मस्ती में हैं।…

  • सहज बनाता साहित्य

    दुनिया को पाठकों के सामने रखने की ताकत साहित्य में है। अनुमान और कल्पना के सहारे भी संवेदना को बचाए और बनाए रखने का अनूठा काम साहित्य ही करता है। जीव,जीवन और इस…

  • किताब पढ़ना यानि आगे बढ़ना

    -मनोहर चमोली ‘मनु’शैक्षिक दख़ल अब हर अंक में बाल पाठकों को ध्यान में रखते हुए सरल और सहज साहित्य भी प्रकाषित करेगा। यह ज़रूरी भी है। आज जो बच्चे हैं कल वे समग्र…

  • Publication

    ऐसे बदली नाक की नथ: 2005, पृष्ठ संख्या-20, प्रकाशक: राष्ट्रीय पुस्तक न्यास,नई दिल्लीऐसे बदला खानपुर: 2006, पृष्ठ संख्या-16, प्रकाशक: राज्य संसाधन केन्द्र (प्रौढ़ शिक्षा) 68/1,सूर्यलोक कॉलोनी,राजपुर रोड,देहरादून।सवाल दस रुपए का (4 कहानियाँ): 2007,…

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