• बड़ा हुआ छोटा

    तब गिनती एक से नौ ही हुआ करती थी। एक दिन वे बहस करने लगे। दो, चार, छह, आठ अलग हो गए। एक, तीन, पांच, सात और नौ हैरान थे। अंक एक बोला-‘‘मेलजोल…

  • परी सब ठीक कर देगी

    -मनोहर चमोली ‘मनु’ जिया अपना तकिया कलाम कैसे भूल सकती है! जतिन और लता यही सोच रहे थे। जिया ने कहा था,‘‘पता नहीं। अब क्या होगा?’’ उसने अपना रिपोर्ट काॅर्ड जतिन को पकड़ा…

  • माचिस की डिबिया

    स्कूल की छुट्टी हुई। सभी स्कूल गेट की ओर बढ़ रहे थे। अभेद परेशान सा दिख रहा था। रेहाना ने पूछा, तो उसने घबराते हुए बताया, “अगले हफ्ते से एग्जाम हैं, डर लग…

  • फूलों वाले बाबा

    बहुत पुरानी बात है। पहाड़ में एक गाँव था। गाँव में पानी का एक ही स्रोत था। गाँव वाले इसे धारा कहते थे। समूचा जन-जीवन इसी धारा के सहारे टिका हुआ था। पशु-पक्षी…

  • मेरी उलझन

    ‘‘बड्डन भाई नमस्ते।’’ राखी नेे भाई को फोन किया। बलदेव सबसे बड़ा था। बचपन में उसे प्यार से बड्डन कहते थे। मनोज मंझला था, तो प्यार-दुलार में उसे मुंज्जे कहा जाने लगा। छोटेलाल…

  • पंछी हुए फुर्र

    कांटेदार पेड़ पर चिडि़या घोंसला बनाने में जुटी हुई थी। पेड़ में एक कोटर था। कोटर में सांप रहता था। वह चिडि़या को निगलने की ताक में था। एक चूहा वहां से गुजर…

  • बेटियां सूरज की

    ‘‘पौ फटते ही जाते हो और अंधेरा होने पर लौटते हो।’’‘‘हम अपनी माँ को जानते तक नहीं।’’‘‘हमारे नाम तक नहीं हैं।’’‘‘हम बड़ी हो चुकी हैं।’’‘‘हम लायक हैं। हमें काम चाहिए।’’‘‘अब हम एक साथ…

  • मोज़े हुए उदास

    जीनत स्कूल से लौटी। नया स्कूल। नई किताबें। नया बैग। आज बहुत सारी नई चीज़ें आईं थीं। नए जूते और नए मोजे भी आए थे। जीनत ने जूते उतारे। फिर मोज़े उतारे। मोज़े…

  • साहित्य अमृत,अप्रैल 2021,कहानी कौन था !

    कौन था…!

    गिलहरी उचककर पैरों में खड़ी हो गई। बुदबुदाई,‘‘सांप, नेवला, खरगोश और मेढ़क एक साथ हैं! कोई तो वहां है।’’ गिलहरी दबे पांव चलना जानती थी। वह वहां जा पहुंची, जहां सब थे। वह…

  • पास था फेल बताया

    पास था फेल बताया

    -मनोहर चमोली ‘मनु’‘‘हाँ भई। मनोहर का के। अठारह अठे?’’ रतन गुरुजी ने मुझसे पूछा। वह हमेशा हम बच्चों के नाम के आगे ‘का’ और ‘के’ जरूर लगाते थे। यह उनका तकिया कलाम था।…

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