40 कहानियों का संग्रह ‘कहानियाँ बाल मन की’

‘विनम्र लेकिन साधिकार अनुरोध’

भुगतान मात्र 200 रुपए का किया जाना है। विवरण निम्नवत है-

खाताधारक का नाम-SHWETWARNA PRAKASHAN

खाता संख्या-41505000399

IFSC-ICIC0004145

Paytm/Googlepay-8447540078

नोट- I.F.S.C. कोड में तीन शून्य हैं। भुगतानोपरांत अपना पता मोबाइल नंबर 8447540078 पर व्हाट्सअप कर दीजिएगा।

*दोस्तों। आपको बताना मेरी जिम्मेदारी है। 40 कहानियों का संग्रह ‘कहानियाँ बाल मन की’ शीघ्र प्रकाशित हो रहा है। आप स्वयं अच्छी किताबें पूछकर,खोजकर और घूम-घूम कर खरीदते हैं। आपकी इस आदत में एक किताब शामिल करने का अनुरोध मेरा भी है। कई बार मनपसंद सामग्री तक पहुँचने में समय लगता है। बस! मैं आपके उस समय को बचाना चाहता हूँ। यदि आप चाहें तो इसी पोस्ट पर एक प्रति चाहने की मेरी चाह से मेरा उत्साह बढ़ा सकते हैं। मित्रों की सूची बहुत लम्बी होती है। समर्थ और प्रभावी मित्र तो इस किताब को पुस्तकालयों-संस्थाओं-समितियों तक भी पहुँचाने में मित्रधर्म निभाएँगे। यह कहानियाँ प्रकाशित होते ही पाठक की हो जाती हैं। यूँ तो कहानियाँ स्वयं बोलती हैं। यदि आपको पसंद आएं तो अपने मित्रों को ज़रूर बताएँ। यदि पसंद न आएं या कोई सुझाव हो तो मुझे बताएं। वैसे किताब में आखिरी पन्ना पाठकों के लिए रख छोड़ा है। आप वहाँ बेझिझक अपने सुझाव लिखिएगा तथा उस पन्ने की फोटो खींचकर वहीं दिए गए मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप कीजिएगा। ताकि दूसरे संस्करण पर आपके सुझाव व मत को शामिल किया जा सके। पहली बार अपने स्वभाव के विपरीत ऐसा आग्रह कर रहा हूँ। लेकिन इस आग्रह के पीछे जो उद्देश्य है आप उसे महसूस करेंगे। यह भरोसा मुझे अपनी मित्रता पर है। *पुनश्चः 194 पन्नों में संग्रहित 40 कहानियों में बालमन को भा जाने वाले चित्र भी हैं। यह चित्र सुप्रसिद्ध कवयित्री और चित्रकार अनुप्रिया जी ने बनाए हैं। उन पढ़ते-लिखते मित्रों से भी निवेदन है जो किताब की सहयोग राशि 250 रुपए देने में समर्थ नहीं हैं वे निसंकोच मुझे बताएं। मित्रता में पुस्तक उपहारस्वरूप देने में मुझे प्रसन्नता होगी। डाक-खर्च हम वहन करेंगे। विस्तार से मुकम्मल जानकारी जल्दी ही। सादर,सम्पर्क: 7579111144 मेल : [email protected]ब्लाॅग : manoharchamolimanu.co.in

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