• खाना मगर ध्यान से

    अभी ठीक से सुबह का उजाला भी नहीं हुआ था। महेश ने जोर से पुकारा,‘‘अरे रीता। सुनो तो।’’ तभी उसे अंदाज़ा हुआ कि अभी तो आस-पास के लोग सो रहे होंगे। महेश ने…

  • मुस्कराना हमेशा

    सलमा आज कुछ गमले ले आईं। नाहिदा ने पूछा,‘‘अम्मी। ये गमलें किस काम आएंगे?’’सलमा ने जवाब दिया,‘‘फूलों की पौध लगा रही हूँ। देखती रहो।’’सलमा ने गमलों में फूलों के पौधे लगाए। नाहिदा पूछने…

  • न टूटे मन

    रक्षिता दौड़ते हुए कुसुम से लिपट गई। बोली,‘‘ममा। आज स्कूल के प्रोग्राम फाइनल हो गए हैं। मेरा भी सलेक्शन हुआ है। पता है, हमारी क्लास का एक ही प्रोग्राम सलेक्ट हुआ है। होली…

  • बंद हुआ स्कूल

    जंगल की रौनक ही अलग थी। भोर होने से देर रात तलक चारों ओर हलचल मची रहती। सूरज की रोशनी में तो कई जानवर और पक्षी इधर-उधर घूमते पाए जाते। लेकिन कई जीव-जन्तु…

  • मिल गए सात रंग

    -मनोहर चमोली ‘मनु’‘‘पापा आप कहाँ जा रहे हो?’’ नयना ने पूछा।पापा ने नयना का गाल प्यार से छूते हुए जवाब दिया-‘‘ड्यूटी।’’ नयना ने कहा-‘‘पापा मेरे लिए कलर लाना। लाल वाला।’’ पापा ने हँसते…

  • बंद किया माँगना

    वसंत आया तो जंगल हरा-भरा हो गया। फूलों और फलों से रंगीन हो गया। एक तितली फूलों पर मंडरा रही थी। भालू नदी की ओर जा रहा था। उसने तितली से पूछा-‘‘तुम दिन…

  • उड़ना हुआ बंद

    पुरानी बात है। तब मछली आसमान में भी उड़ती थी। मन करता तो पानी में तैरने लग जाती। पशु क्या और पक्षी क्या! सब मछली को चाहते थे। वह पशुओं के बच्चों और…

  • ठीक हूँ

    नदी किनारे एक चूहा डरा हुआ था। कछुए ने पूछा तो वह बोला,‘‘जान बचाना आसान नहीं है।’’ जिराफ बोला,‘‘मुझे देखो। मैं बिल में छिप नहीं सकता।’’ हाथी ने कहा,‘‘मैं उछल-कूद भी नहीं सकता।’’…

  • रजाई

    चींटी घर से बहुत दूर चली आई।अचानक बारिश होने लगी।भीगने के कारण उसे जाड़ा लगने लगा था।कपास के पौधे ने कहा,‘‘मेरी रुई में आ जाओ।’’चींटी ने ऐसा ही किया।थकान के कारण चींटी सो…

  • बात एक बूंद की

    बादल बरसने वाले थे।एक बूंद रोने लगी। बादल ने पूछा तो वह बोली,‘‘मैं हाथी की एक आँख भी गीली नहीं कर सकूंगी।मैं अकेली, भला किस काम की?’’बादल बोला,‘‘राई के बीजों को उगने में…

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