आना सबके काम

-मनोहर चमोलीबर्फ़ पिघलकर चुपके चुपकेपहाड़ों से बह आती हैइठलाती बलखाती हैमधुर गीत वह गाती हैहर बाधा को पार है करतीआगे बढ़ती जाती हैप्यासी धरती, प्यासे जीवसबका मन हरषाती है।खेतों और…

पर्वतवासी गुलदारों के संग सदियों से रहते आए हैं : जाय हुकिल

"नरभक्षी जीव को हमेशा के लिए हटाना ज़रूरी" प्रकृति प्रेमी, खेती-किसानी के जानकार, पर्यावरण के प्रति बेहद संवेदनशील और स्वभाव से शांत चित्त जाय हुकिल मानते हैं कि बेशक जंगल…