तुम्हारा आना और जाना

तुम्हारा आना
जैसे महकती हवा
चमकती सुबह
फूल का खिलना
चिडि़या का चहकना

तुम्हारा जाना
पत्तों का गिरना
शाम का ढलना
मन उदास होना
नदी का मौन बहना

अब जब भी आना
जाने के लिए मत आना।

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